
माएँहैं शरण
हमारी दुनिया में।
माएँ हैं शक्ति,
जब सब कुछ विफलहो जाता है।
उनकी आवाज़ कोमल होसकती है,
और प्रेम से हमारामार्ग दिखाती है।
वे उन रहस्यों कोअपने भीतर सँजोए रखतीहैं
जिन्हें जीवन की पुस्तकछिपाए रखती है।
वे स्वतंत्रता और प्रेम केलिए लड़ती हैं औरप्रार्थना करती हैं,
अपने बच्चों के लिएहर आघात सहती हैंऔर कभी नहीं टूटतीं।
दुनिया धरती की माताओंके साथ खड़ी रहतीहै और उन्हीं केसाथ गिरती है।
वे सबसे पहले महानता,सम्मान और भार कोअपने कंधों पर उठातीहैं।
माएँ!ओ, हम माएँ हैं,हम माएँ हैं।
माएँ! ओ, हम माएँहैं, हम माएँ हैं।
माएँ! ओ, हम माएँहैं, हम माएँ हैं।
माएँ!
माएँहैं सैनिक
प्रेम की एक सेनामें।
हज़ारों संघर्षों में
हम सफ़ेद कबूतरों परउड़ती हैं।
एक माँ का साहस
शक्ति का सबसे महानस्रोत है।
हम भय को नहींजानतीं
जब ख़तरा दहलीज़ परखड़ा होता है।
हम गरिमा की माँगकरती हैं, हम सहिष्णुताऔर सम्मान चाहती हैं।
हम समानता और अधिकारचाहती हैं, और चुननेका अधिकार चाहती हैं।
इन शोर भरे समयोंमें, जब पुरुषों कीआवाज़ें
युद्ध, अहंकार और शर्मके महँगे खेलों मेंअसफल हो जाती हैं।
माएँ!ओ, हम माएँ हैं,हम माएँ हैं।
माएँ! ओ, हम माएँहैं, हम माएँ हैं।
माएँ! ओ, हम माएँहैं, माएँ, माएँ।
हमारीदुनिया में सभी बच्चेसमान हैं।
सभी बच्चे कोमल हैं— उन्हें कुछ और मतसिखाओ।
उन्हें घृणा और अहंकारसे मत बहकाओ,
क्योंकि वे तुम्हारी आँखोंसे संसार को देखतेहैं।
माएँ!ओ, हम माएँ हैं,हम माएँ हैं।
माएँ! ओ, हम माएँहैं, हम माएँ हैं।
माएँ! ओ, हम माएँहैं, माएँ, माएँ, माएँ।
माएँ! ओ, हम माएँहैं।
और हम अपने बच्चोंके प्रश्नों का उत्तर देतीहैं,
क्योंकि हमें उनकी परवाहहै।